पटना , अक्टूबर 22 -- हात्मा गांधी के जीवन दर्शन से रूबरू होने के लिए लोग पटना के गर्दनीबाग स्थित बापू टावर की ओर आकर्षित हो रहे हैं। भवन निर्माण विभाग की ओर से निर्मित इस टावर का उद्घाटन 02 अक्टूबर , 2024 को हुआ था। उद्घाटन के बाद से अब तक लगभग दो वर्षों में यहां 02 लाख 41 हजार से अधिक दर्शक पहुंच चुके हैं। औसतन हर महीने 11 से 12 हजार लोग यहां आ रहे हैं।
बापू टावर प्रबंधन के अनुसार, सामान्य दिनों में औसतन 300 दर्शक पटना समेत अन्य जिलों और राज्यों से पहुंच रहे हैं, वहीं शनिवार, रविवार और छुट्टियों के दिन यह संख्या बढ़कर 1200 तक पहुंच जाती है। छात्रों में भी बापू के जीवन और चंपारण से जुड़ी कहानियों को जानने का खास उत्साह देखा जा रहा है। हर महीने विभिन्न स्कूलों से करीब 2200 छात्र शैक्षणिक भ्रमण पर आते हैं, जो टावर की छह मंजिलों पर अलग-अलग कहानियों से रूबरू होते हैं।
आगंतुकों का सबसे पसंदीदा स्थान ग्राउंड फ्लोर पर बना ओरिएंटेशन हॉल है, जहां दर्शक सबसे अधिक समय बिताते हैं। यह कोई सामान्य हॉल नहीं, बल्कि 360-डिग्री इमर्सिव थिएटर है, जिसमें 60 सीटों वाला घूमने वाला टर्नटेबल और अत्याधुनिक लेजर प्रोजेक्शन के जरिए गांधी जी की जीवनी को जीवंत रूप में दिखाया जाता है। घूमते पर्दे और सराउंड साउंड के जरिए दर्शकों को बापू के साथ चंपारण सत्याग्रह और दांडी मार्च में शामिल होने का अनुभव कराया जाता है।
बापू टावर का परिसर सात एकड़ में फैला है और इसके शंकुकार हिस्सों में 40 टन तांबे का इस्तेमाल हुआ है। बापू टावर में गांधी जी के जीवन दर्शन, उनके बचपन से दक्षिण अफ्रीका में ट्रेन से उतारे जाने की घटना, चंपारण सत्याग्रह सहित अन्य ऐतिहासिक घटनाओं को डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से रोचकता के साथ दर्शाया गया है।
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