बेतिया , अगस्त 23 -- भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने सिकटा थाना क्षेत्र से मानव तस्करी की आशंका में एक युवक के साथ दो लड़कियों को हिरासत में लिया है, जिनमे एक नाबालिग बतायी जा रही है।

पूछताछ के दौरान युवक के संतोषजनक जवाब नहीं देने पर एसएसबी ने मामले की सूचना मानव तस्करी रोधी इकाई को दी। इसके बाद प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, बेतिया और स्वच्छ संस्था, रक्सौल की टीम को सूचना दी गयी।

दोनों संस्थाओं की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवतियों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ओडिशा और छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं तथा चेन्नई में सिलाई का काम करती थीं। हिरासत में लिये गये युवक की पहचान सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के सीतामढ़ी मुड़ली चौक वार्ड संख्या-19 निवासी मो. ईशा के 39 वर्षीय पुत्र मो. मुस्तकीम के रूप में हुई है।

पूछताछ में एक लड़की ने बताया कि चेन्नई में सिलाई का काम करने के दौरान उसकी पहचान सीतामढ़ी के एक युवक शंकर यादव से हुई थी। बाद में उसे पता चला कि शंकर नेपाल का रहने वाला है और उसने हिंदू नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा था। कुछ समय बाद शंकर के कहीं चले जाने पर वह अपनी सहेली के साथ उसकी तलाश में चेन्नई से सीतामढ़ी पहुंची।

सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर उनकी मुलाकात मो. मुस्तकीम से हुई। मुस्तकीम शंकर से मिलाने का झांसा देकर दोनों लडकियों को सिकटा लाया और फिर भीसवा की ओर ले गया। वापसी के दौरान एसएसबी जवानों ने दोनों लड़कियों और युवक को हिरासत में ले लिया।

प्रयास की टीम के पवन कुमार ने लिखित आवेदन के साथ दोनों युवतियों और युवक को सिकटा पुलिस को सौंप दिया।

थानाध्यक्ष नीतीश कुमार मौर्य ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।

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