आगरमालवा , जुलाई 17 -- मध्यप्रदेश में आगरमालवा जिले के सुसनेर नगर में कथित रूप से दो माह से कमरे में बंद रखी गई एक बुजुर्ग महिला को पुलिस ने जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में मुक्त कराया। बाद में दोनों पक्षों से चर्चा के उपरांत महिला को उसके तीसरे पुत्र के साथ भेज दिया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार सुसनेर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित कल्याण जीन क्षेत्र में रहने वाली बुजुर्ग महिला कौशल्याबाई को उसके दो पुत्रों द्वारा कमरे में बंद रखे जाने की सूचना पड़ोसियों ने नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी और पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा को दी। सूचना पर दोनों मौके पर पहुंचे और परिजनों से कमरे की चाबी मांगी, लेकिन चाबी नहीं दिए जाने पर पुलिस को बुलाया गया।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे का ताला खुलवाया और बुजुर्ग महिला को बाहर निकालकर थाने ले गई। साथ ही दोनों पुत्रों और उनकी बहुओं को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया।

परिजनों ने पुलिस के समक्ष कहा कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह बिना बताए घर से बाहर चली जाती थीं। वहीं, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा ने दावा किया कि महिला सामान्य रूप से बातचीत कर रही थीं और अपना तथा परिवार के सदस्यों का नाम बता रही थीं। नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी ने बताया कि पड़ोसियों के अनुसार महिला करीब दो माह से कमरे में रह रही थीं, हालांकि इस दौरान उनके भोजन की व्यवस्था की जा रही थी।

पुलिस ने दोनों पक्षों से चर्चा के बाद आपसी सहमति से बुजुर्ग महिला को उसके तीसरे पुत्र गणेश के साथ भेज दिया। मामले में फिलहाल किसी प्रकार का प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी नहीं है।

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