पटना , जून 24 -- सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग सरकारी, वाणिज्यिक एवं निजी वाहन चालकों में जागरूकता एवं जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने का विशेष अभियान चला रहा है। बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की ओर से सभी जिलों में 'सड़क सुरक्षा चालक प्रशिक्षण' आयोजन किया जा रहा है, जिसमें चालकों को यातायात नियमों, सुरक्षित डाइविंग के तरीकों, आधुनिक वाहन तकनीकों एवं दुर्घटना के पश्चात आवश्यक कार्यवाही के विषय में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, मई महीने से अब तक 5400 से अधिक चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मई में 3912 से अधिक चालकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि जून महीने में अब तक 1500 से अधिक चालक प्रशिक्षित हो चुके हैं। चालू माह में प्रथम चरण में 560 और द्वितीय चरण में 500 निजी चालकों को ट्रेनिंग दी गई। साथ ही 500 से अधिक सरकारी चालकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।
यह व्यापक अभियान बिहार सरकार के सात निश्चय-3के अंतर्गत 'सुरक्षित सड़क, कुशल सेवा एवं बेहतर जीवन-यापन' योजना के तहत चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र सभी जिलों में मार्च 2027 तक निरंतर चलेंगे। इस दौरान हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) तथा भारी मोटर वाहन (एचएमवी) चालकों को पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन, ओवरस्पीडिंग, गलत लेन एवं नशे में वाहन न चलाने, मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने, दुर्घटना में घायलों की त्वरित मदद करने और सड़क संकेतों का सख्ती से पालन करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। प्रशिक्षण में शामिल होने वाले प्रत्येक चालक को 100 रुपये अल्पाहार भत्ता और 200 रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दी जा रही है।
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि परिवारों के टूटने का दर्द हैं। इस विशेष अभियान के जरिये हमारा लक्ष्य है कि हर चालक सड़क पर अनुशासित, संवेदनशील और जिम्मेदार बने। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएगा और बिहार को सड़क दुर्घटनाओं से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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