पटना , जुलाई 28 -- िहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ने का असर बाजार पर दिख रहा है। पिछले दो महीने में ईवी वाहनों की संख्या में 33 फीसदी का इजाफा हुआ है। इनमें तीन पहिया वाहनों की संख्या अधिक बढ़ी है। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह हाल में लागू इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति-2026 भी मानी जा रही है।

परिवहन मंत्री दामोदर रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समीक्षा के दौरान ईवी वाहनों से जुड़ी यह अहम जानकारी सामने आई है। इस दौरान विभाग से जुड़ी भविष्य की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर खासतौर से मंथन किया गया।

मंत्री श्री रावत ने कहा कि ईवी वाहनों के सुगम संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का विकास तेज गति से जारी है। विभिन्न जिलों में बिजली आपूर्ति, चार्जिंग स्टेशनों की सुरक्षा, रखरखाव और अन्य जरूरी सुविधाओं की समीक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि ईवी अपनाने को प्रोत्साहित कर प्रदूषण मुक्त यातायात व्यवस्था विकसित की जाए।

बैठक में मंत्री श्री रावत ने विभाग की प्रमुख योजनाओं जैसे पीएम ई-ड्राइव, आईडीटीआर, पिंक बस, पीएम ई-बस, हिट एंड रन, सड़क सुरक्षा, परमिट और ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यालय में कामकाज की नियमित समीक्षा करें और विभाग के निर्धारित राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने में पूर्ण योगदान दें।

श्री रावत ने बताया कि चालान माफी के लिए इस वर्ष सितंबर और दिसंबर में दो लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद कोई और लोक अदालत नहीं होगी। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल), लर्निंग लाइसेंस (एलएल) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) के लंबित मामलों का तुरंत निपटारा करने कहा।

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