बीजापुर , जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच दो दिन तक चली मुठभेड़ में छह माओवादी मारे गए हैं, जिनमें चार महिलाएं शामिल हैं।
सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार मारे गए माओवादियों में इंद्रावती नेशनल पार्क एरिया कमेटी का इंचार्ज और आठ लाख रुपये इनामी दिलीप बेंडजा भी शामिल है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से स्वचालित हथियार, विस्फोटक और माओवादी साहित्य भी बरामद किया है। गौरतलब है कि शनिवार सुबह से शुरू हुई मुठभेड़ अलग-अलग जगहों पर रविवार तक चली थी। पुलिस को मुठभेड़ के बाद छह नक्सलियों के शव बरामद किये। इस दौरान जंगल में भालू और भैंस के हमले में दो जवान नीरज शर्मा और कृष्णा नेताम भालू घायल हो गये हैं।
बीजापुर जिले के थाना भोपालपटनम और थाना फरसेगढ के सीमावर्ती जंगली-पहाड़ी क्षेत्र में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के डीवीएसीएम दिलीप बेंडजा और अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ और कोबरा-202, 206, 210 तथा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) 214 की संयुक्त टीम तलाशी अभियान पर निकली। अभियान के दौरान शनिवार सुबह से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग रविवार शाम तक चली। मुठभेड़ में कुल छह माओवादी कैडरों के शव बरामद हुए, जिनमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी इंचार्ज डीवीसीएम दिलीप बेंडजा भी शामिल है, जिस पर आठ लाख रुपये का ईनाम था।
मुठभेड़ स्थल पर खोजबीन के दौरान दो एके-47 रायफल, एक इंसास रायफल, दो .303 रायफल और एक कार्बाइन सहित कुल छह ग्रेडेड हथियार बरामद किए गए हैं। मारे गए माओवादियों पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अधीक्षक बीजापुर जितेंद्र यादव ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से डीवीसीएम दिलीप बेंडजा, एसीएम माड़वी कोसा, एसीएम पालो पोडियम, एसीएम लक्खी मड़कम, पीएम जुगलो बंजाम और पीएम राधा मेटटा के शव बरामद हुए। आटोमैटिक हथियार, विस्फोटक सामग्री और माओवादी साहित्य भी जब्त किया गया।
मारे गए माओवादियों के नाम डीवीसीएम दिलीप बेंडजा (इनाम आठ लाख), एसीएम माड़वी कोसा, एसीएम पालो पोडियम, एसीएम लक्खी मड़कम (पांच-पांच लाख), पीएम जुगलो बंजाम और पीएम राधा मेटटा पर दो-दो लाख का इनाम रखा हुआ था। दिलीप बेंडजा के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कुल 135 आपराधिक मामले दर्ज थे और वह साल्हेपल्ली ग्रामीण हत्या, रानीबोदली कैंप हमला, भोपालपटनम कांडलापर्ती मुठभेड़, छोटेकाकलेर मुठभेड़, अन्नापुर टेकामेटा मुठभेड़ और पील्लूर टेकामेटा शिक्षादूत हत्या जैसी बड़ी घटनाओं में शामिल था।
मुठभेड़ स्थल से बरामद अन्य सामग्रियों में दो एके-47 रायफल, तीन मैगजीन और 32 राउंड, एक 5.56 इनसास रायफल, दो मैगजीन और 30 राउंड, दो .303 रायफल, एक मैगजीन और 20 राउंड, एक कार्बाइन और एक मैगजीन, एक बीजीएल लांचर और आठ बीजीएल सेल शामिल हैं। इसके अलावा नकद राशि, स्कैनर, वायरलेस सेट, मल्टीमीटर, देशी हैंड ग्रेनेड, कार्डेक्स वायर, माओवादी साहित्य, पोटली, बस्ता, माओवादी वर्दी, मेडिकल सामग्री और अन्य माओवादी सामग्री भी बरामद हुई है।
अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। तलाशी अभियान के दौरान जंगल क्षेत्र में भालू के हमले से कोबरा 206 के प्रधान आरक्षक नीरज शर्मा और जंगली भैंस के हमले में एसटीएफ के प्रधान आरक्षक कृष्णा नेताम घायल हो गए। घायल जवानों को त्वरित रूप से सुरक्षित तरीके से निकाल कर उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में हुए विभिन्न मुठभेड़ों में 163 माओवादी मारे गए थे। वर्ष 2026 में अब तक आठ माओवादी ढेर हुए हैं। जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान में कुल 229 माओवादी मारे गए, 1126 माओवादी गिरफ्तार हुए और 876 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए।
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