हरिद्वार , जुलाई, 21 -- उत्तराखंड में हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में दो साधुओं की हत्या कर शव जंगल में दफनाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश मंगलवार को तेज कर दी।
मुख्य संदिग्ध मुख्य पुजारी समेत तीन साधु-वेशधारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और विशेष ऑपरेशन समूहएसओजी की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार सोमवार को मंदिर से लापता हुए साधु सेवा गिरि और उत्तम गिरि के शव बरामद होने के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ाया गया है। शुरुआती जांच में मंदिर के मुख्य पुजारी और हाल ही में मंदिर में ठहरे तीन साधु-वेशधारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। घटना के बाद से सभी संदिग्ध फरार हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी लोकेशन और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।
जांच में सामने आया है कि वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के शुरुआती संकेतों के अनुसार एक साधु की गला घोंटकर हत्या की गई, जबकि दूसरे पर धारदार हथियार से कई वार किए गए। इसके बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से दोनों शवों को मंदिर के समीप जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
कल घटना का खुलासा तब हुआ जब मंदिर के एक सेवादार ने दोनों साधुओं के अचानक गायब होने पर अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पथरी पुलिस, फॉरेंसिक टीम और स्वान दस्ते ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान जंगल से दोनों शव बरामद हुए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित