बहराइच , सितंबर 24 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के पद पर कार्यरत 26 वर्षीय युवक ने दोस्त की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। युवक की फरवरी में शादी होनी थी और उसकी सगाई भी हो चुकी थी। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने एक दोस्त पर धोखा देने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में दवा कंपनियों के प्रतिनिधि देहात कोतवाली पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के मुताबिक फखरपुर थाना क्षेत्र के कुंडासर गांव निवासी सूरज प्रकाश त्रिपाठी मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उनके तीन बेटे प्रीतम, विवेक और सचिन हैं। सबसे छोटा बेटा सचिन त्रिपाठी (26) अलकेम कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के पद पर कार्यरत था। उसकी सगाई हो चुकी थी और फरवरी में शादी प्रस्तावित थी।
सचिन शहर के डपालीपुरवा मोहल्ले में जयंत रंजन त्रिपाठी के मकान में किराये पर अकेला रहता था। बुधवार को उसने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी। शाम को काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर मकान मालिक ने आवाज लगाई। अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी गई।
खिड़की से झांककर देखने पर सचिन का शव फंदे से लटकता दिखाई दिया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतरवाया। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें युवक ने अपने एक दोस्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सचिन के सुसाइड नोट में माता-पिता और परिजनों के लिए माफी मांगने के साथ ही दोस्त के प्रति नाराजगी और मानसिक परेशानी का जिक्र है। उसने लिखा, "मैं बहुत मजबूत था, पता नहीं क्या हो गया मेरे साथ।" नोट में उसने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि उसे इस दुनिया से जाने का दुख इस बात का है कि उसके बाद मम्मी-पापा का क्या होगा। उसने अपने भाई, बहन और अन्य परिचितों से भी माफी मांगी।
सुसाइड नोट में सचिन ने लिखा, "रमन भाई आई लव यू, मेरी चिता पर एक सिगरेट जरूर जलाना।" इसके साथ ही उसने आदर्श शुक्ला का नाम लेते हुए लिखा, "तुम दोस्त के नाम पर धब्बा हो।" उसने अपने मोबाइल फोन की जांच करने की बात भी लिखी है।
सचिन के भाई विवेक त्रिपाठी के मुताबिक, उनका भाई पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर परेशान था। उन्होंने बताया कि सचिन ने दो दिन पहले माता-पिता से कहा था कि आदर्श शुक्ला उसके साथ काम करता है और उसे किसी बात को लेकर ब्लैकमेल कर रहा है। विवेक के अनुसार, सचिन ने यह भी कहा था कि अगर उसे कुछ होता है तो इसके लिए आदर्श शुक्ला जिम्मेदार होगा। उन्होंने बताया कि आदर्श उनके भाई का दोस्त था और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ा हुआ है।
परिजनों का कहना है कि सचिन की मौत के पीछे की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। हालांकि, ब्लैकमेलिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद गुरुवार सुबह दवा कंपनियों के सैकड़ों प्रतिनिधि देहात कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने और मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट में नाम होने के बावजूद पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही थी। कुछ लोगों ने आरोपी के संगठन से जुड़े होने को कार्रवाई में देरी की वजह बताया। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है।दोपहर करीब दो बजे पुलिस ने आदर्श शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दद्दन सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
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