देहरादून , अगस्त 25 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में 18 महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। बैठक में राजधानी देहरादून की रिस्पना नदी किनारे अवैध रूप से बसे और चयनित परिवारों को अब सुरक्षित नए आवास दिया जायेगा। इसके अलावाबिजली खरीद के लिए अडानी पावर लिमिटेड से 5.746 रुपए प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट (1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता) कोयला आधारित बिजली की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री के अपर सचिव, महानिदेशक सूचना एवं लोक सम्पर्क बंशीधर तिवारी ने इन फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति, 2025 के अनुरूप राज्य में सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए उत्तराखण्ड राज्य सहकारी नीति, 2026 प्रख्यापित किये जाने को स्वीकृति दी है। वित्त विभाग के अनुभाग-07 की अधिसूचना संख्या-290/XXVII (7) 50(16) दिनांक 28 दिसम्बर, 2016 द्वारा राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सरकारी सेवकों के वेतन निर्धारण के लिए प्रख्यापित 'उत्तराखण्ड सरकारी सेवक वेतन नियम, 2016' के साथ संलग्न अनुसूची-1 में वेतन मैट्रिक्स की तालिकायें निर्गत की गयी थी। इसमें छूट गए कुछ क्रमांको को संशोधित किए जाने की स्वीकृति दी गई।
उत्तराखण्ड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम, 2003 की धारा-4 की उपधारा (5) के अधीन मोटर यान पर ग्रीन सेस के लिए निर्गत अधिसूचना में सेस की छूट को समाप्त किये जाने के संबंध में फैसला लिया गया।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागान्तर्गत सांख्यिकीय संवर्ग के अन्तर्गत सेवा में भर्ती और उसमें नियुक्त व्यक्तियों की सेवा शर्तों को विनियमित किये जाने के उद्देश्य से 'उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह क, ख एवं ग सेवा नियमावली 2026' के प्रख्यापन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। साथ ही, उत्तराखण्ड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन का गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृत किया गया है।
श्री तिवारी ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की स्थापना पर सहमति प्रदान की। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में अवस्थित 65 एकड भूमि में से 01 एकड़ भूमि को 99 वर्ष की लीज (रू0 01) पर लीज पर दिये जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट द्वारा सहमति प्रदान की गयी।
कैबिनेट ने 'उत्तराखण्ड कारागार उप कारापाल अधीनस्थ (अराजपत्रित) सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026' का प्रख्यापन करने की भी सहमति दी। लम्बी जद्दोजहद के बाद सरकार ने उत्तराखण्ड लोकायुक्त खोजबीन समिति के कार्यकलापों का निर्धारण नियमावली, 2026 पर भी सहमति व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, 'उत्तराखण्ड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली, 2026' के प्रख्यापन के सम्बन्ध में भी निर्णय किया गया।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेन्ट कारपोरेशन लि० में कार्यरत तृतीय एवं चुतर्थ श्रेणी के कार्मिकों को अन्य विभागों में सेवा स्थानान्तरण पर भेजने को अनुमति प्रदान की है। क्योंकि इसके अधिकांश तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के कार्य की उपयोगिता सीजनल (माह फरवरी से माह मार्च एवं माह अगस्त से माह दिसम्बर तक) है। बैठक में यू०यू०एस०डी०ए० के संरचनात्मक ढ़ाचे का पुनर्गठन किये जाने पर सहमति व्यक्त की गई है। इसके तहत कुल 94 अस्थाई (निःसंवर्गीय) पदों का सृजन किये जाने संबंधी प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी गई है।
अपर सचिव ने बताया कि ऋषिकेश में अंत्योदय फाउंडेशन के पक्ष में दान प्रलेख किये जाने और वहां कैंसर रोगियों के लिए केंद्र स्थापित करने के उद्देश्य से स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान किये जाने को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 की धारा-36 के प्राविधानानुसार उत्तरांचल विश्वविद्यालय जनपद देहरादून से सम्बन्धित या उससे आनुषांगिक विषयों का उपबन्ध एवं नियमन करने के लिए परिनियम के प्रख्यापन को भी स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट ने उपनल कार्मिकों के समान कार्य के लिए समान वेतन प्रदान किये जाने के संबंध में भी फैसला किया। जिसके दृष्टिगत, अब इसका लाभ तीन चरणों में प्रदान किया जायेगा, जिसके प्रथम चरण में 01.01.2016 से पूर्व के नियोजित कार्मिकों के संबंध में वर्तमान में कार्यवाही की जा रही है। द्वितीय चरण में 01.01. 2016 से 12.11.2018 तक के नियोजित कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन को विचार किया जायेगा जिस पर कार्यवाही दिनांक 09.11.2026 से तथा तृतीय चरण में 13.11.20218 से 15.10.2024 तक के नियोजित कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन की कार्यवाही 01 अप्रैल, 2027 से प्रारम्भ की जायेगी। इसके साथ ही उपनल के माध्यम से कार्याेजित कार्मिकों की सेवा में दिये गये कृत्रिम व्यवधान के दृष्टिगत सैनिक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश दिनांक 20.02.2026 में उल्लिखित निरन्तर योजित शर्त / प्रतिबन्ध को विलोपित करते हुये दिनांक 01.01.2016 से पूर्व कार्य कर रहे उपनलकर्मी जो वर्तमान में भी कार्यरत हों, को शासनादेश दिनांक 03.02.2026 (यथासंशोधित) के अधीन न्यूनतम वेतन व महँगाई भते का लाभ प्रदान किया जायेगा।
अग्निविरों के संबंध में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला किया। इसमें राज्य सरकार के स्तर पर सेवामुक्त अग्निवीरों से संबंधित विषयों के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किए जाने तथा प्रकोष्ठ के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संविदा के आधार पर कुल-06 पदों के सृजन के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गयी है। जिसमें उप निदेशक - 01, सहायक निदेशक 02,कनिष्ठ सहायक 02 तथा डाटा इंट्री ऑपरेटर 01 पद होगा।
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