नैनीताल , जून 13 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत देहरादून जिले के चकराता ब्लॉक में बदलाव सखी के पदों पर जारी नई भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने अधिकारियों को विगत चार अगस्त को जारी विज्ञप्ति के आधार पर भर्ती प्रक्रिया नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में 12 अगस्त को सुनवाई हुई लेकिन आदेश की प्रति आज उपलब्ध हो पायी।

इस मामले को रंजिता चौहान और निर्मला की ओर से चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से विगत चार अगस्त को जारी नई विज्ञप्ति को चुनौती देते हुए कहा गया कि पांच जून को चकराता, कालसी और रायपुर ब्लॉकों में बदलाव सखी के पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे।

चकराता में हुई लिखित परीक्षा में निर्मला मेरिट में प्रथम और रंजिता चौहान द्वितीय स्थान पर रही थीं लेकिन नियुक्ति पत्र जारी होने से पहले चकराता की पूरी चयन प्रक्रिया रोक दी गई और चार अगस्त को दोबारा विज्ञप्ति जारी कर दी गई।

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि पूर्व चयन प्रक्रिया को औपचारिक रूप से रद्द किए बिना नई विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली व्यक्ति के हस्तक्षेप के चलते पूर्व चयन प्रक्रिया रोकी गई है।

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