जयपुर , मार्च 30 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सोच को देशहित में नहीं बताते हुए कहा कि अब नई पीढ़ी को देश में क्या हो रहा है, कौन सी विचारधारा क्या है, देश एवं समाज हित में क्या है, ये सब अध्ययन करने एवं सत्य किसके पक्ष में हैं यह समझने की जरुरत है।

श्री गहलोत ने सोमवार को यहां अपने निवास पर मीडिया से बातचीत में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा जान के खतरे संबंधी बयान पर किए गए प्रश्न के जवाब में आरोप लगाते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश में जो माहौल बना है, उसमें एक मुख्यमंत्री कह रही हैं कि उनकी जान को खतरा है। सोचिए, देश कहां जा रहा है। मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया जाता है। सुनवाई किसी की नहीं हो रही है। ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई का शासन चल रहा है। न्यायपालिका पर भी दबाव की बातें हो रही हैं। देश में लोकतंत्र कहां रह गया है। हिंदू राष्ट्र घोषित होना ही बाकी रह गया है। बाकी तो ज़हर फैलाया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने, तब उन्हें 100 में से लगभग 31 प्रतिशत वोट मिले थे, यानी करीब 70 वोट उनके खिलाफ थे। फिर 36 हो गए इनके। जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया। यदि वे चाहते, तो अपने ऑरा और स्टेट्समैनशिप का परिचय दे सकते थे। पूरे देश की जनता ने उनके कहने पर थाली भी बजाई, ताली भी बजाई। ऐसे व्यक्तित्व वाला व्यक्ति भी कभी कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे और कभी प्रतिपक्ष मुक्त भारत बनाएंगे इन बातों में उलझ के रह गए। सरकार बनाना और चुनाव जीतना एक बात है, लेकिन देशहित में क्या है, यह दूसरी बात है।

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