चंडीगढ़ , अगस्त 26 -- हरियाणा के सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने देश में युवाओं की शिक्षा कौशल और रोजगार की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि 8.7 करोड़ युवाओं का शिक्षा, रोजगार अथवा प्रशिक्षण से बाहर रहना गंभीर सामाजिक और राष्ट्रीय चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण और सम्मानजनक रोजगार की ठोस व्यवस्था करने की मांग की।

सुश्री सैलजा ने कहा कि नीति आयोग की अगस्त 2026 की रिपोर्ट में करीब 8.7 करोड़ युवाओं को एनईईटी यानी शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से बाहर बताया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। सरकारी शिक्षण संस्थानों को मजबूत करने, तकनीकी शिक्षा का विस्तार करने और सरकारी विभागों के रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई, विनिर्माण, कृषि आधारित उद्योग, सेवा और नई तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए। विकसित भारत का लक्ष्य तभी सफल होगा, जब युवा विकास प्रक्रिया में भागीदार बनेंगे।

सांसद सैलजा ने महिलाओं की स्वतंत्रता और पसंद का सम्मान करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि किसी महिला के कपड़ों या व्यक्तिगत पसंद के आधार पर उसके चरित्र और गरिमा पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने बताया कि वह गुरुवार को जींद में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। इसमें विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

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