नयी दिल्ली , जुलाई 22 -- देश में रेलवे के ब्रॉड गेज नेटवर्क के 99.6 प्रतिशत हिस्से का विद्युतीकरण हो चुका है और इस तरह से भारत इस मामले में चीन को पछाड़कर दूसरे स्थान पहुंच गये है। स्विट्जरलैंड 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के साथ पहले स्थान पर है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे नेटवर्क के विद्युतीकरण का काम मिशन मोड में किया गया है। विद्युतीकरण के मामले में भारतीय रेलवे वैश्विक नेता बनकर उभरा है। देश में ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्से का विद्युतीकरण हो चुका है और इस तरह से भारतीय रेलवे इस मामले में स्विट्जरलैंड के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि 2015-16 में रेलवे ट्रैक्शन (कर्षण) के लिए डीजल की खपत 293 करोड़ लीटर हुई थी, जो 2024-25 में घटकर 108 करोड़ लीटर रह गयी। इस तरह से डीजल की खपत में 185 करोड़ लीटर की कमी आयी है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत हुई और कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का विद्युतीकरण अभियान का उदेश्य साफ़-सुथरी गतिशीलता (परिवहन) को बढ़ावा है, क्योंकि रेल परिवहन से सड़क ट्रांसपोर्ट की तुलना में लगभग 89 प्रतिशत कम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है।
रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे पर कम-कार्बन वाले परिचालन को सहायता प्रदान करने के लिए 1,260 मेगावाट (एमडब्ल्यू) से ज़्यादा सौर और पवन ऊर्जा क्षमता शुरू की गयी है। इनमें से जून 2026 तक, लगभग 1161 मेगावाट (एमडबल्यू ) सौर संयंत्र (रूफटॉप और ज़मीन दोनों पर) और लगभग 103 मेगावाट (एमडब्ल्यू) पवन ऊर्जा संयंत्र चालू किये जा चुके हैं।
श्री वैष्णव ने बताया कि मिशन 100 प्रतिशत विद्युतीकरण एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण परियोजना है, क्योंकि इसमें उन रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण करना शामिल है, जो पहले से ही चालू हैं और काम के दौरान कई अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। रेलवे विद्युतीकरम के काम में तेज़ी लाने के लिए भारतीय रेलवे ने कई कदम उठाये हैं, जिनमें कमीशनिंग (किसी नयी मशीन, उपकरण, परियोजना या प्रणाली को स्थापित करने के बाद उसे औपचारिक रूप से संचालन या उपयोग के लिए तैयार करने की प्रक्रिया) के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी) पोर्टल बनाना, प्रभावी परियोजना निगरानी प्रणाली सुनिश्चित करना, राशि मिलना और फील्ड यूनिट को ज़्यादा वित्तीय अधिकार देना जैसे प्रक्रियां शामिल हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे के 19 जोनों में से 15 जोन में विद्युतीकरण का काम 100 प्रतिशत हो चुका है, सिर्फ चार जोनों में कुछ काम बाकी रह गया है। इनमें से उत्तर-पश्चिम रेलवे 99.8 प्रतिशत, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे 98.7 प्रतिशत, दक्षिण रेलवे 98.7 प्रतिशत और दक्षिण पश्चिम रेलवे 96.1 प्रतिशत शामिल हैं।
इस दौरान उन्होंने देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रेलवे के विद्युतीकरण का ब्योरा दिया और बताया कि आंध्र प्रदेश 100 प्रतिशत, मिजोरम 100 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश 100 प्रतिशत, नगालैंड 100 प्रतिशत, बिहार 100 प्रतिशत, ओडिशा 100 प्रतिशत, चंडीगढ़ 100 प्रतिशत, पुड्डुचेरी 100 प्रतिशत, छत्तीसगढ 100 प्रतिशत, पंजाब 100 प्रतिशत, दिल्ली 100 प्रतिशत, तेलंगाना 100 प्रतिशत, गुजरात 100 प्रतिशत, त्रिपुरा 100 प्रतिशत, हरियाणा 100 प्रतिशत, उतार प्रदेश 100 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश 100 प्रतिशत, उत्तराखंड 100 प्रतिशत जम्मू एवं कश्मीर 100 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल 100 प्रतिशत, मेघालय 100 प्रतिशत, केरल 100 प्रतिशत, मध्य प्रदेश 100 प्रतिशत, महाराष्ट्र 100 प्रतिशत और झारखंड में विद्युतीकरण का 100 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। राजस्थान 99.8 प्रतिशत, तमिलनाडु 98.3 प्रतिशत, असम 97.9 प्रतिशत, कर्नाटक 96.8 प्रतिशत और गोवा में विद्यूतीकरण का 91.4 प्रतिशत का काम पूरा हुआ है।
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