रांची , अप्रैल 22 -- झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी एवं इंडियन बैंक के बीच आज क्लस्टर लेवल फेडरेशन के लिए अत्याधुनिक पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के विकास हेतु एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

यह पहल ग्रामीण वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल, सुरक्षित एवं अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि यह पहल देश में अपनी तरह की पहली है और झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन पूरे देश में सीएलएफ स्तर पर इस प्रकार का पेमेंट गेटवे लागू करने वाला एकमात्र राज्य बन गया है, जो इसे एक अभिनव एवं मॉडल पहल के रूप में स्थापित करता है।

यह एमओयू जेएसएलपीएस के मुख्य परिचालन पदाधिकारी, बिष्णु चरण परिदा एवं इंडियन बैंक के क्षेत्र महाप्रबंधक, महेंद्र बाजपेयी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

इस साझेदारी के अंतर्गत इंडियन बैंक द्वारा विकसित पेमेंट गेटवे एप्लीकेशन के माध्यम से सीएलएफ, वीओ, एसएचजी, विक्रेताओं एवं कैडरों के बीच सुरक्षित एवं रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रणाली में मेकर-चेकर-अप्रूवर आधारित अनुमोदन प्रक्रिया, डिजिटल सिग्नेचर (डी सी एस) एवं बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, रियल-टाइम ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग, एमआईएस विश्लेषण और पीएफएमएस, ईएफएमएस, लोकओएस और स्वलेखा जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ एकीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, राज्य से लेकरसीएलएफ स्तर तक भूमिका-आधारित एक्सेस सुनिश्चित किया जाएगा।

इस प्रणाली को प्रारंभिक चरण में 6 सीएलएफ में पायलट रूप में लागू किया जाएगा, जिसमें सीएलएफ एवं वीओ के बीच ऋण वितरण एवं भुगतान से संबंधित लेन-देन को शामिल किया जाएगा। पायलट के सफल क्रियान्वयन के पश्चात इसे विस्तारित करते हुए सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर जेएसएलपीएस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडियन बैंक, कॉर्पोरेट कार्यालय, चेन्नई के महाप्रबंधक अन्बु कामराज पी, अंचल प्रबंधक राजेश शरण, अमित जैन, कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, पूर्णिमा मुखर्जी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पहल झारखंड में ग्रामीण वित्तीय तंत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति प्रदान करेगी।

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