नयी दिल्ली , जुलाई 3 -- पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि भारत ने समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और मानकों वाला पहला निर्यात-आयात (एक्जिम) शिपिंग कंटेनर तैयार कर लिया है।
श्री सोनोवाल ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित मैर्स्क-कॉनकॉर इनलैंड कंटेनर डिपो में भारत में निर्मित पहले एक्जिम शिपिंग कंटेनर का अनावरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से वैश्विक विनिर्माण और समुद्री क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी राष्ट्र बन रहा है और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों वाला पहला शिपिंग कंटेनर भारत की विनिर्माण क्षमता और समुद्री क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस सफलता से साबित होता है कि श्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार केवल शिपिंग कंटेनर नहीं बना रही है, बल्कि 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य के अनुरूप विश्वस्तरीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समुद्री विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रही है और यह पहल भारत को समुद्री व्यापार और कंटेनर विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।
उन्होंने कहा कि वैश्विक शिपिंग कंपनी ए.पी. मोलर-मैर्स्क के लिए तैयार इस कंटेनर के अनावरण के साथ ही कंपनी ने भारत में बने 1000 और कंटेनरों का ऑर्डर दिया है। उनका कहना था कि मैर्स्क द्वारा भारत में बने एक हजार अतिरिक्त कंटेनरों का ऑर्डर देना देश के उभरते कंटेनर विनिर्माण तंत्र पर वैश्विक उद्योग के भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे भारत की वैश्विक समुद्री आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी और मजबूत होगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में निर्मित यह कंटेनर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे इसका उपयोग दुनिया भर में किया जा सकेगा। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों और उद्योगों की भागीदारी से विनिर्माण, रोजगार, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की 10 हजार करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रोमोशन स्कीम (सीएमपीएस) के तहत देश की वार्षिक कंटेनर निर्माण क्षमता को दस गुना बढ़ाकर 7.5 लाख टीईयू तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आयातित कंटेनरों पर निर्भरता घटेगी और भारत वैश्विक स्तर पर कंटेनर निर्माण एवं निर्यात का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित