पंचकूला , जुलाई 17 -- भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने देश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ और बेहतर बनाने के उद्देश्य से "रिसर्च फॉर स्ट्रेंथनिंग एंड एन्हांसिंग क्वालिटी ऑफ मेडिकल एजुकेशन-2026" पहल के तहत संयुक्त रूप से शोध प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

(एनएमसी द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार इस पहल का उद्देश्य स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) और डॉक्टरेट स्तर की चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने के लिए नवाचार आधारित उपायों के विकास और उनके मूल्यांकन संबंधी शोध को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से चिकित्सा शिक्षा को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और साक्ष्य-आधारित बनाने का प्रयास किया जाएगा।

यह कार्यक्रम योग्यता आधारित चिकित्सा शिक्षा (सीबीएमई) को लागू करने और नैतिकता, शोध और कौशल आधारित शिक्षा पर बढ़ते जोर को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य चिकित्सा संस्थानों में पढ़ाने और सीखने के तरीकों और शैक्षिक नतीजों को बेहतर बनाने के लिए सबूत-आधारित समाधान तैयार करना है।

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