अजमेर , मार्च 10 -- राजस्थान में अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने मंगलवार को बयान जारी करके सरकार से मांग की है कि डेयरी को अत्यावश्यक सेवा में सम्मिलित करते हुए एलपीजी और पीएनजी उपलब्ध करवाएं जिससे दुग्ध के वितरण और उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होने से अछूती रहे।
श्री चौधरी ने कहा कि ईरान-अमरीका- इजराइल टकराव से देश में गैस और तेल का संकट डेयरी उद्योग पर भी अब प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। डेयरी उद्योग में दूध के प्रसंस्करण, पाश्चुरीकरण, उबालने एवं अन्य उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गैस की आवश्यकता पड़ती है। राज्य में डेयरी क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 17 हजार टन गैस की खपत होती है।
उन्होंने कहा कि डेयरी व्यवसाय को अत्यावश्यक सेवा के रूप में शामिल नहीं किया गया और गैस आपूर्ति को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो इसका सीधा प्रभाव दूध के उत्पादन और आपूर्ति पर पड़ेगा और दूध के विक्रय मूल्य में भी भारी वृद्धि होने की आशंका रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में श्वेत क्रांति ने किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, इसलिए डेयरी क्षेत्र को भी चिकित्सा और शिक्षा की तरह समान महत्व देते हुए इसे अत्यावश्यक सेवा के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए, ताकि दूध और दुग्ध उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे और दुग्ध उत्पादकों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं के हित भी सुरक्षित रह सकें।
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