नयी दिल्ली , मार्च 23 -- सरकार ने कहा है कि बैंक छात्रों को मांग के आधार पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करा रहे हैं और इसमें कहीं किसी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में सोमवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि आज बैंक सभी जगह उपलब्ध हैं। विद्यालक्ष्मी और मॉडल विद्यालय में भी भारत सरकार ऋण उपलब्ध कराती है। विद्यालक्ष्मी योजना के तहत तीन प्रतिशत से कम ब्याज दर तय की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार जो शिक्षा संबंधी योजनाएं चला रही है उसकी जानकारी सभी को यह प्रयास सदस्यों को भी करना चाहिए।

श्री प्रधान ने कहा कि यह मांग आधारित योजना है और यदि इसमें ज्यादा मांग आएगी तो सरकार इस पर विचार कर सकती है। बैंक शिक्षा ऋण देने में सकुचाते हैं कि पैसा वापस आएगा भी कि नहीं सम्बन्धी सवाल पर उनका कहना था कि सरकार के पास जितनी मांग आएगी उसके हिसाब से पैसा बढ़ाएगी और इसमें बैंक कोई आपत्ति ऋण देने में नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि सभी छात्रों के लिए पीएम विद्या लक्ष्मी और मॉडल स्कूल हैं और सभी को इसका लाभ उठाना चाहिए।भारत सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है। हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि पीएम विद्या लक्ष्मी और मॉडल एजुकेशन लोन स्कीम की उपलब्धता का लाभ सबको मिले। देश में अच्छे संस्थान में पढ़ने के लिए तथा बाहर जाकर पढ़ने के लिए भी सभी विद्यार्थियों के लिए यह ऋण सुविधा दी जा रही है।

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