नयी दिल्ली , सितंबर 11 -- भारत में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 80 लाख से अधिक ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि फरवरी 2026 में शुरू हुए इस अभियान के तहत 14 वर्ष की किशोरियों को अभिभावकों की सहमति से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वैच्छिक और निशुल्क एकल-खुराक एचपीवी टीका लगाया जा रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मिजोरम ने अपने चिन्हित लक्षित समूह में 100 प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया है। बिहार, आंध्र प्रदेश और असम में 90 प्रतिशत से अधिक तथा कर्नाटक में 85 प्रतिशत से अधिक कवरेज दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़, सिक्किम, केरल, तेलंगाना और ओडिशा में भी 60 प्रतिशत से अधिक लक्षित किशोरियों का टीकाकरण हो चुका है। राज्यों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जहां 22 लाख से अधिक किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि अभियान में अभिभावकों, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी के जरिए एचपीवी टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ायी जा रही है और गलत सूचनाओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, एम्स जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं ने भी जागरूकता एवं लाभार्थियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने में भूमिका निभायी है। टीकाकरण की प्रगति की निगरानी के लिए यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत सभी टीकाकरण सत्र प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारियों की निगरानी में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किये जा रहे हैं। दुर्लभ टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं (एईएफआई) के प्रबंधन के लिए 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाओं से भी इन केंद्रों को जोड़ा गया है। सरकार के अनुसार भारत में हर वर्ष करीब 1.2 करोड़ 14 वर्षीय लड़कियों के इस अभियान से लाभान्वित होने की संभावना है। अस्सी लाख खुराक का आंकड़ा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और किशोरियों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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