उदयपुर , मई 12 -- राजस्थान में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स 2025 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्तमान में हर एक हजार की जनसंख्या पर करीब 1.9 नर्स कार्यरत है।

यह जानकारी मंगलवार को यहां पारस हेल्थ के निदेशक डॉ प्रसून कुमार ने अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर इस वर्ष की थीम.. हमारी नर्से, हमारा भविष्य. "सशक्त संदेश जीवन बचाओ" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ के बताए गए हर एक हजार की आबादी पर तीन नर्स के मानदंड से कम हैं। रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवा की बढती मागों को पूरा करने के लिए नर्सिंग शिक्षा, कार्यबल प्रतिधारण और व्यावसायिक विकास में लगातार निवेश की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि नर्सें किसी भी स्वास्थ्य संस्थान की रीढ और मरीज की देखभाल की मुख्य स्तंभ होती हैं। उनकी हमदर्दी, समर्पण और बिना थके सेवा हर दिन मरीजों और परिवारों की जिंदगी में एक अच्छा बदलाव लाती है।

इस अवसर पर पारस हेल्थ के चिकित्सा अधीक्षक डॉ राम कुमार बांग ने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की बढती मुश्किलों और मरीजों की बढती उम्मीदों के साथ नर्सों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि नर्से न सिर्फ प्रत्यक्ष रोगी देखभाल में बल्कि मरीज की देखभाल और पूरी चिकित्सा क्षमता को बेहतर बनाने में योगदान देती है।

कार्यक्रम में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने मरीजों की देखभाल में अग्रणी भूमिका निभाने वाली नर्साें का सम्मान किया गया।

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