लखनऊ/बेंगलुरु , नवम्बर 16 -- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि देश में आज आपातकाल जैसा माहौल महसूस किया जा रहा है। एक एकरंगी विचारधारा देश के लोगों पर थोपी जा रही है, जिससे समाज में अनावश्यक बहस और दूरी पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता है और सभी भारतीयों को जोड़कर रखना ही सच्ची हिन्दुस्तानियत है।

बेंगलुरु में रविवार को आयोजित विजन इंडिया: प्लान, डेवलप, एसेंट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने ऐसी बातें राजनीति में ला दी हैं, जिन पर पहले कभी चर्चा नहीं होती थी। समाज में फैल रही नकारात्मकता को विजन इंडिया का सकारात्मक एजेंडा चुनौती देता है। हमारा उद्देश्य लोगों को रूढ़िवाद से दूर ले जाकर प्रगतिशील और समावेशी सोच को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि विजन इंडिया का मूल उद्देश्य है एकजुटता, समावेश, समान अवसर और भेदभाव का अंत। समाज के आखिरी व्यक्ति, महिला, किसान, मजदूर और बेरोजगार युवा को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि आज का युवा सकारात्मक सोचता है और दुनिया को जोड़ने की क्षमता रखता है। इसलिए विजन इंडिया की शुरुआत बेंगलुरु जैसे स्टार्टअप हब से की गई। उन्होंने याद किया कि भारत का पहला स्टार्टअप नीति मॉडल समाजवादी सरकार ने 2016 में उत्तर प्रदेश में लागू किया था, जिसने हजारों युवाओं को संभावनाओं से जोड़ दिया।

लखनऊ में आईटी सिटी निर्माण, युवाओं को स्थानीय रोजगार देने की नीति, 20 लाख लैपटॉप वितरण जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल डिवाइड कम करने के लिए तकनीक तक समान पहुंच जरूरी है। कई युवाओं ने उन्हीं लैपटॉप्स से पढ़ाई कर नौकरियां प्राप्त कीं और वैश्विक विश्वविद्यालयों तक पहुंचे।

श्री अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी कृषि, स्टार्टअप, मंडी मॉडर्नाइजेशन, फूड प्रोसेसिंग और स्किल डेवलपमेंट में विशाल संभावनाओं वाला राज्य है। कन्नौज के इत्र उद्योग जैसे उदाहरण बताते हैं कि सही नीति से सीधे किसान को लाभ हो सकता है।

उन्होंने कहा कि विजन इंडिया कार्यक्रमों से प्राप्त सुझावों को नीति निर्माण में शामिल किया जाएगा। "हर समाधान एक स्टार्टअप है"-इस सोच के साथ युवाओं को अवसर और सम्मानजनक रोजगार दिलाना ही हमारा लक्ष्य है।

इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य संयोजक पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्र, मुख्य समन्वयक सांसद राजीव राय, तथा पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और किरण हेगड़े भी चर्चा में प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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