मुंबई , जुलाई 20 -- मुंबई पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए सोमवार को पूरे शहर में 23 जुलाई से 6 अगस्त तक, यानी 15 दिनों के लिए धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक आदेश लागू करने की घोषणा की।

यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य लोगों के नेतृत्व में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक के खिलाफ देश भर में बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों के बीच आया है। अधिकारियों को डर है कि राजधानी में चल रहे विरोध की तीव्रता देश की आर्थिक राजधानी में भी वैसी ही अशांति पैदा कर सकती है।

मुंबई पुलिस आयुक्तालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना में सार्वजनिक जगहों पर पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगायी गयी है। इस आदेश में शहर की सीमा के भीतर किसी भी तरह के बिना इजाज़त वाले सार्वजनिक प्रदर्शन, विरोध मार्च, रैली या जनसभा पर साफ तौर पर रोक लगायी गयी है। संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी कड़े प्रतिबंध लगाये गये हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "नीट" परीक्षा विवाद को लेकर बने संवेदनशील माहौल को देखते हुए शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है।" प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग रोक वाले आदेशों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

शहर की ज़रूरी सेवाओं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर कोई असर न पड़े, इसके लिए पुलिस ने कुछ खास छूट दी हैं । सामाजिक और धार्मिक: शादियों और अंतिम संस्कार के जुलूसों की इजाज़त है। शिक्षा: स्कूलों, कॉलेजों और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों के रोज़मर्रा के कामकाज पर कोई रोक नहीं है। कारोबार और प्रशासन: दुकानों, बाज़ारों और फ़ैक्टरियों में सामान्य कारोबारी गतिविधियां, साथ ही सरकारी दफ़्तरों, अदालतों और कॉर्पोरेट या हाउसिंग सोसाइटी की आधिकारिक बैठकों में होने वाले कामकाज पहले की तरह चलते रहेंगे। इसी तरह सिनेमा हॉल, थिएटर और मनोरंजन की सार्वजनिक जगहों को इन पाबंदियों के दायरे से बाहर रखा गया है।

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