नयी दिल्ली , अगस्त 17 -- केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत के युवाओं में असाधारण क्षमता, अनुकूलनशीलता और महत्वाकांक्षा है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने सोमवार को कोलकाता में 'कौशल मंथन' क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कौशल विकास मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर श्री चौधरी ने कहा कि भारत के युवाओं में असाधारण क्षमता, अनुकूलनशीलता और महत्वाकांक्षा है। जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की है कि उनकी क्षमता को भविष्य के लिए तैयार, उद्योग में मूल्यवान कौशल और वास्तविक अवसरों से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड (पीएम-सेतु) योजना आईटीआई को उत्कृष्टता, नवाचार और आकांक्षा के केंद्रों के रूप में बदलने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने राज्यों से पीएम-सेतु के तहत आईटीआई क्लस्टरों को प्राथमिकता वाले आर्थिक क्षेत्रों, औद्योगिक गलियारों, एमएसएमई केंद्रों, उभरती प्रौद्योगिकियों और प्रस्तावित निवेशों के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्पोक आईटीआई को हब संस्थानों की प्रयोगशालाओं, मास्टर ट्रेनरों, करियर सेवाओं और नियोक्ता नेटवर्क तक नियमित पहुंच मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम-सेतु को केवल बुनियादी ढांचे के उन्नयन के बजाय व्यापक संस्थागत सुधार के रूप में लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा स्कूलों, आईटीआई और जिला स्तर के कौशल केंद्रों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि युवा केवल एआई का इस्तेमाल करने तक सीमित न रहें, बल्कि इसे लागू करने, अनुकूलित करने और नयी चीजें विकसित करने में सक्षम बनें।
सम्मेलन में राज्यों ने इस बात पर जोर दिया कि कौशल विकास कार्यक्रमों को राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए, जबकि पाठ्यक्रम, मूल्यांकन, प्रमाणन और परिणामों के लिए राष्ट्रीय मानकों को बनाए रखा जाए।
'कौशल मंथन' का समापन केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने, राज्यों के बीच अनुभव साझा करने और कौशल विकास से जुड़े क्रियान्वयन लक्ष्यों एवं शिक्षार्थियों के परिणामों की नियमित समीक्षा के संकल्प के साथ हुआ।
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