नयी दिल्ली , मार्च 07 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि किसी भी देश की वास्तविक समृद्धि और प्रगति वहां की महिलाओं की उन्नति, शिक्षा और सशक्तिकरण से ही परिलक्षित होती है।
श्रीमती गुप्ता ने आज यहां आयोजित 'भारती - नारी से नारायणी' विषय पर महिला विचारकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता कर नारी सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, " प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत में नारी-शक्ति राष्ट्र-शक्ति के रूप में उभर रही है और महिलाओं को सशक्त बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।"उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, सृजन और संस्कार के प्रतीक के रूप में देखा गया है। वेदों, पुराणों और भारतीय परंपरा में नारी को देवी स्वरूप मानकर सम्मान दिया गया है। भारत में महिला सशक्तिकरण की यात्रा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' से आगे बढ़कर 'बेटी बढ़ाओ' तक पहुंच चुकी है। महिलाएं केवल परंपरा की वाहक ही नहीं बल्कि परिवर्तन की वाहक भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नारी केवल परिवार और समाज की धुरी ही नहीं, बल्कि अपने विचारों, नेतृत्व और निर्णयों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा तय करने वाली शक्ति बनकर सामने आई है। किसी भी देश की वास्तविक समृद्धि और प्रगति वहां की महिलाओं की उन्नति, शिक्षा और सशक्तिकरण से ही परिलक्षित होती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी दिशा में लखपति बिटिया योजना के माध्यम से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड के जरिए महिलाओं को सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन की सुविधा प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कामकाजी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कोलेट्रल-फ्री लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने उद्यम और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। साथ ही महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी देने के लिए नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं, ताकि महिलाएं अपनी क्षमता और प्रतिभा के अनुसार हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि देश में महिला सशक्तिकरण केवल नीति नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का व्यापक आंदोलन बन चुका है। आज भारत की महिलाएं विज्ञान, शिक्षा, उद्यमिता, प्रशासन, खेल और रक्षा सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे संवाद और विचार-मंथन के मंच महिलाओं के नेतृत्व और उनकी भागीदारी को और मजबूत करेंगे तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांता कुमारी, राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय तरुणी प्रमुख विजया शर्मा, भारतीय विद्वत परिषद की कार्यदर्शी प्रो. शिवानी वी. सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित