नयी दिल्ली , जून 28 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने राष्ट्रीय राजधानी में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह देश की राजधानी के बजाय अपराध की राजधानी बनती जा रही है।

डॉ. कुमार ने रविवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार इस साल दिल्ली में करीब सवा तीन लाख आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,396 मामले सामने आए, जो देश में सबसे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि देश में इस वर्ष महिलाओं के खिलाफ दर्ज कुल अपराध के मामलों में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली का है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एनसीआरबी के अनुसार देश के 19 महानगरों में अपराध के मामले में दिल्ली पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, महिलाओं के खिलाफ अपराध और दुष्कर्म जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रानी बाग में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म तथा महरौली में 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या जैसी घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं और राष्ट्रीय राजधानी को शर्मसार करती हैं।

डॉ. कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। पहले दिल्ली के अपराधी दूसरे शहरों में भागकर शरण लेते थे, लेकिन आज दूसरे शहरों के अपराधी दिल्ली आकर शरण ले रहे हैं, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस में लगभग 94 हजार स्वीकृत पद हैं, लेकिन केवल 81 हजार पुलिसकर्मी ही कार्यरत हैं। करीब 14 से 15 हजार पद खाली पड़े हैं। उन्होंने मांग की कि इन पदों पर जल्द भर्ती की जाए, नए थाने खोले जाएं और पूरे शहर में अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

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