नयी दिल्ली , सितंबर 26 -- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कंप्यूटर अवसंरचना, मॉडल्स और डेटा को मिलाकर एक मज़बूत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि देश की बहुभाषी , अलग-अलग संस्कृतियों वाली और क्षेत्रों की ज़रूरतों के हिसाब से स्वदेशी एप्लीकेशन विकसित की जरूरत बतायी है।

श्री कृष्णन ने यहां केंद्र सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से आयोजित कार्यशाला में कहा कि एक मजबूत एआई पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के लिए कंप्यूट इन्फ्रास्ट्रक्चर (हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्किंग एवं डेटा प्रबंधन संसाधनों का एक समूह है), एआई मॉडल और डेटा का एक साथ काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसा एआई पारिस्थितिकी तंत्र भारत की बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक और अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप एप्लिकेशन विकसित करने में सक्षम होना चाहिए।

उन्होंने स्वदेशी एआई क्षमताओं, डेटा संप्रभुता, साइबर सुरक्षा तथा शासन, नागरिक-केंद्रित सेवाओं और उद्यमों के लिए एआई एप्लिकेशन विकसित करने के महत्व पर जोर देते हुए इंडिया एआई मिशन के माध्यम से दिये जा रहे सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेलटेल इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

रेल मंत्रालय के अधीन आने वाली कंपनी रेलटेल यहां के मानेकशॉ सेंटर में 'रेलटेल एआई वर्कशॉप 2026' का आयोजन किया। इस कार्यशाला का विषय 'एआई@गवर्नमेंट: पावरिंग द फ्यूचर' था। इसमें सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), प्रौद्योगिकी कंपनियों और एआई क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल और सरकार में डिजिटल बदलाव को तेज करने की उसकी क्षमता पर विचार-विमर्श किया गया।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए रेलटेल के श्री संजय कुमार ने संगठनों के कामकाज में बदलाव लाने और सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।

इस दौरान बेंगलुरु स्थित एआई स्टार्टअप कंपनी सारवम के सह-संस्थापक डॉ. विवेक राघवन ने तेजी से बदल रहे एआई परिदृश्य और भारतीय संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से पैदा होने वाले अवसरों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।

कार्यशाला में पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किये और दुनिया में एआई के इस्तेमाल के मामलों और सरकारी संगठनों द्वारा परिचालन दक्षता बढ़ाने तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करने की बात कही गयी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित