हरिद्वार, जून, 30 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में पुलिस ने जाली नोटों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले एक संगठित गिरोह का मंगलवार को पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देशन में कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से लगभग 50 हजार रुपये के छपे जाली नोट, लैपटॉप, दो प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन तथा नकली नोट तैयार करने में प्रयुक्त अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से जाली नोटों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पुलिस के अनुसार, 27 जून को 52 हजार 500 रुपये के नकली नोटों के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की गहन विवेचना की गई। पूछताछ के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य क्विड कार से नकली नोट तैयार करने के उपकरण और छपे हुए नोटों को बिजनौर की ओर ले जाकर ठिकाने लगाने की तैयारी में हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस ने लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 25 पेपर शीटों पर छपे करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट, 500 रुपये के चार असली नोट, एक लैपटॉप, एचपी और कैनन कंपनी के दो प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन तथा अन्य सामग्री बरामद की गई।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह का सदस्य गुलजार ऑनलाइन विशेष पेपर मंगाता था, जबकि शगुन जोशी असली नोट की फोटो लेकर सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप की सहायता से उसकी गुणवत्ता बढ़ाता था, जिससे प्रिंट असली नोट जैसा दिखाई दे। मुख्य आरोपी देवेंद्र ने बताया कि इससे पहले भी बिजनौर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट छापे गए थे, जिनमें से लगभग 60 हजार रुपये के नोट बाजार में चला दिए गए थे। अधिक मुनाफे के लालच में गिरोह ने अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए अन्य लोगों को भी अपने साथ जोड़ लिया था।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बाजार में खपाए गए नकली नोटों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

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