पटना , जनवरी 27 -- देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण मंगलवार को बिहार में बैंकिंग कार्य बाधित रहा और इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों की सभी शाखाएँ राज्य भर में बंद रहीं।
'ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन' के राष्ट्रीय सचिव डी.एन. त्रिवेदी ने बयान जारी कर कहा कि हड़ताल के कारण बिहार में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक बैंकों, ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों की आठ हजार से अधिक शाखाओं में दिनभर कामकाज ठप्प रहा।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि कुछ स्थानों पर निजी क्षेत्र के बैंक भी हड़ताल से प्रभावित रहे। शहरों में हड़ताली बैंक कर्मचारियों ने रैलियाँ निकालीं, बैंकों के प्रशासनिक कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया और पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की माँग के नारे लगाए।
राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि आज शाखा स्तर पर नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनाना और आरटीजीएस-एनईएफटी सेवाएँ ठप रहीं। चौथे शनिवार, रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के कारण एटीएम से लगातार नकदी निकासी होने से कई एटीएम खाली हो गए, जिससे ग्राहकों को निजी बैंकों के एटीएम का सहारा लेना पड़ा।
श्री त्रिवेदी ने बताया कि बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है और पिछले वेतन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने सभी शनिवारों को अवकाश देने पर लिखित सहमति व्यक्त की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि रिज़र्व बैंक, नाबार्ड, एलआईसी, जीआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय में हर शनिवार अवकाश रहता है। इस भेदभाव के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देशभर के बैंक कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना पड़ा।
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