श्रीनगर , जनवरी 30 -- कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने शुक्रवार को अधिकारियों से घाटी के बाहर रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मीरवाइज़ ने यहां ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज़ के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के विकास नगर इलाके में आठ साल के कश्मीरी शॉल बेचने वाले ताबिश और उसके भाई दानिश पर लोहे की रॉड से हुए हमले पर दुख और चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना जम्मू-कश्मीर के बाहर आम कश्मीरियों को होने वाली सांप्रदायिक भेदभाव और दुश्मनी के परेशान करने वाले पैटर्न को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से कश्मीरी व्यापारियों, श्रमिकों और विद्यार्थियों पर उत्पीड़न और हमलों की ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि हजारों कश्मीरी सर्दियों के महीनों में ईमानदारी से रोज़ी-रोटी कमाने के लिए अलग-अलग राज्यों में जाते हैं, और ऐसे कमज़ोर लोगों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए।
नरमपंथी अलगाववादी समूह के नेता ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद भारत के अलग-अलग हिस्सों में पढ़ने और काम करने वाले कश्मीरी विद्यार्थियों , व्यापारियों, पेशेवरों और अन्य लोगों की सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उनमें और उनके परिवारों में चिंता और डर पैदा होता है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने और बाहर रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने घाटी में पुलिस की "प्रोफाइलिंग एक्सरसाइज" यानी लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर चिंता जतायी और कहा कि इसमें मस्जिदों, उनकी प्रबंधन समियों , इमामों और पूजा स्थलों से जुड़े लोगों के बारे में बहुत ज़्यादा और दखल देने वाली जानकारी मांगी जा रही है।
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