देवरिया , अगस्त 01 -- उत्तर प्रदेश में देवरिया जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर बरपार गांव में जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वांचल के द्वारा आयोजित " दो साइंस शो" आईटी बीएचयू के शोधार्थी ने अंधविश्वास के भ्रम को तोड़ते विज्ञान के चमत्कार के बारे में बताया।
बरपार स्थित बरगद सभागार में आयोजित दो दिवसीय 'द साइंस शो' का शनिवार को समापन हो गया। दो दिनों तक चले इस आयोजन में विभिन्न विद्यालयों के 700 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर विज्ञान के चमत्कार देखे।आईटी-बीएचयू के शोधार्थी एवं युवा नवप्रवर्तक मनोहर कुमार ने शो में पानी में आग जलाने, कृत्रिम बादल बनाने और संगीत की धुन पर आग को नचाने जैसे प्रयोग किए। रंग बदलने वाले रासायनिक प्रयोगों के साथ उन्होंने हीलियम और सल्फर हेक्साफ्लोराइड गैस से आवाज में बदलाव भी दिखाया। जलते कपूर को मुंह में रखने और हाथ पर आग जलाने जैसे प्रयोगों से विद्यार्थी खासे रोमांचित हुये।
कुमार ने कहा कि जिन घटनाओं को लोग अक्सर जादू या चमत्कार समझते हैं। उनके पीछे विज्ञान के स्पष्ट सिद्धांत होते हैं। अंधविश्वास से बाहर निकलकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना समय की जरूरत है। विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं,बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में वे देशभर में 200 से अधिक साइंस शो कर चुके हैं। 'यूरिन से मोबाइल चार्जिंग' और 'मिस्ड कॉल से सिंचाई' जैसे नवाचारों के लिए उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने छात्रों से हर बात को वैज्ञानिक दृष्टि से परखने और प्रश्न पूछने की आदत डालने का आह्वान किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित