नयी दिल्ली , जून 06 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार को यहां उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की।

श्री देवनानी की श्री राधाकृष्णन एवं श्री बिरला से यह शिष्टाचार भेंट थी। श्री देवनानी उत्तराखण्ड की पांच दिवसीय चार धाम की यात्रा के बाद यहां पहुंचे।

श्री देवनानी ने राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष के अमृत महोत्सव में आयोजित किए जा रहे समारोह के लिए श्री राधाकृष्णन और श्री बिरला को आमंत्रित किया , जिसे दोनों ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि अमृत महोत्सव के दौरान इस वर्ष जुलाई से अगले वर्ष मार्च में राजस्थान दिवस तक चार बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिसमें अखिल भारतीय विधायी महाकुम्भ, देश भर की महिला विधायकों का सम्मेलन,युवाओं को संसदीय शिष्टाचार से जोड़ने का कार्यक्रम तथा पूर्व एवं वर्तमान विधायकों का सम्मेलन और सम्मान समारोह के साथ ही संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।

श्री देवनानी ने दोनों के साथ राजस्थान विधानसभा की 75 वर्ष की गौरव शाली यात्रा के साथ ही पिछलें दो वर्षों में राज्य विधानसभा में किए गए कई नवाचारों की जानकारी भी विस्तार से सांझा की। उन्होंने बताया कि विधानसभा के गठन के बाद पहली बार विधानसभा के सभी द्वारों के नए नाम और विधानसभा का अपना एक प्रतीक चिह्न (लोगो) जारी किया गया है। इस लोगो की विशेषता यह है कि इसमें अशोक चिह्न और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा सहित राज्य विधानसभा के भव्य भवन की कृति के साथ ही राजस्थान के राज्य पशु ऊंट, राज्य पक्षी गोडावण और राज्य वृक्ष खेजड़ी तथा संस्कृत के ध्येय वाक्य "राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका" के नीचे धान की बाली जैसी कलाकृति उंकेरी गई है।

श्री देवनानी ने श्री राधाकृष्णन एवं श्री बिरला को राजस्थान विधानसभा के प्रतीक चिह्न (लोगो) की प्रतिकृति भी भेंट की। श्री देवनानी ने दोनों के साथ हुई भेंट के दौरान देश - प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही अपनी ताजा उत्तराखंड यात्रा के संस्मरण सुनायें और उन्हें यमुनोत्री, गंगौत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर का प्रसाद भी भेंट किया।

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