मोहाली , सितंबर 08 -- पंजाब के मोहाली के गन्ना कमिश्नर डॉ. अमरीक सिंह ने गन्ना उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे गन्ने की फसल में सिफारिश किए गए समय के बाद और जरूरत से अधिक यूरिया डालने से बचें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से फसल की पैदावार के साथ-साथ चीनी की रिकवरी भी प्रभावित हो सकती है।

डॉ. अमरीक सिंह ने बताया कि कई किसान पैदावार बढ़ाने के उद्देश्य से अगस्त के बाद भी गन्ने में यूरिया डालते रहते हैं, लेकिन यह लाभदायक नहीं है। गन्ने की बढ़वार के दौरान पौधा नए पत्तों और हिस्सों के लिए जरूरी पोषक तत्व पुराने पत्तों और परिपक्व हिस्सों से स्वयं उपलब्ध करा लेता है। इसलिए सिफारिश किए गए समय के बाद अतिरिक्त यूरिया डालने की जरूरत नहीं होती।

उन्होंने चेतावनी दी कि देर से अधिक यूरिया डालने से गन्ना तेजी से बढ़ता है और उसका अंदरूनी हिस्सा नरम व पानीदार हो सकता है। फसल बाहर से हरी-भरी दिखाई देने के बावजूद उसमें चीनी की मात्रा बढ़ना जरूरी नहीं है। अधिक यूरिया से गन्ने में चीनी की मात्रा घट सकती है और चीनी मिल में रिकवरी कम हो सकती है। इसके अलावा गन्ना नरम व कमजोर होने तथा कीटों के हमले का खतरा भी बढ़ सकता है।

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