पौड़ी , जून 25 -- उत्तराखंड में पौड़ी गढवाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान धुमाकोट, संगलिया और आसपास के गांवों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, रोजगार योजनाओं तथा विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान आयोजित चौपालों में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के "सरलीकरण, समाधान और निस्तारण" के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जिलाधिकारी ने भ्रमण की शुरुआत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुमाकोट के निरीक्षण से की। उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी सेवाएं, प्रसव कक्ष, दवा भंडारण, एएनसी सेवाएं और अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई कमियां मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए। औषधि प्रबंधन पोर्टल के संचालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित फार्मासिस्ट के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने धुमाकोट और नैनीडांडा स्वास्थ्य संस्थानों की जर्जर स्थिति को देखते हुए मरम्मत एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला चिकित्साधिकारी के स्थानांतरण से उत्पन्न समस्या के समाधान के लिए अस्थायी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
धुमाकोट बाजार में व्यापार सभा के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान व्यापारियों ने कूड़ा निस्तारण, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने कूड़ा पृथक्करण व्यवस्था विकसित करने तथा बड़े कूड़ादान स्थापित कर नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय संगलिया में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने पेयजल, शिक्षा, कृषि, रोजगार, खेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने रिंगलाणा, तिमुलडुरा, कोचियार, कौला तल्ला और पलासी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जल गुणवत्ता और विद्यालयों व स्वास्थ्य संस्थानों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ग्रामीणों द्वारा वन्यजीवों से सुरक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग पर जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में तारबाड़ लगाने तथा युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कीवी उत्पादन के माध्यम से सफल स्वरोजगार स्थापित करने वाले किसान कुलदीप सिंह रावत को सम्मानित करते हुए स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया।
चौपाल में खेल मैदान के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करने, किसान सम्मान निधि से वंचित पात्र किसानों की ई-केवाईसी कराने हेतु विशेष शिविर लगाने तथा ग्रामसभा भवन को पुस्तकालय के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही विद्यालयों की आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने, आपदा प्रभावित भवनों की मरम्मत, प्राथमिक विद्यालय पीपली में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और संपर्क मार्गों की जल निकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए।
महिलाओं ने पीरूल संग्रहण भुगतान और आजीविका गतिविधियों से जुड़ी समस्याएं उठाईं, जिस पर जिलाधिकारी ने वन विभाग को संबंधित फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने संगलिया बिचला में नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं और बच्चों से संवाद कर केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की।
जिलाधिकारी भदौरिया ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौपालों में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
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