देहरादून , अक्टूबर 06 -- उत्तराखंड के देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के थिएटर विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय रंगमंच कार्यशाला का मंगलवार को समापन हो गया जिसमें विद्यार्थियों ने अभिनय और रंगमंच की उन बारीकियों को व्यावहारिक रूप से समझा, जो किसी भी रंगमंचीय प्रस्तुति को प्रभावशाली और जीवंत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भारतेंदु नाटक अकादमी, लखनऊ के रंगकर्मी एवं प्रशिक्षक अक्षय मेश्राम ने विद्यार्थियों को रंगमंच की विभिन्न प्रक्रियाओं का विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण प्रदान किया। समापन समारोह में विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि रंगमंच कार्यशाला विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रंगमंच विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने के साथ-साथ सामूहिक रूप से कार्य करने की सीख भी देता है।
विश्वविद्यालय के निदेशक, आईक्यूएसी प्रो. एच.सी. पुरोहित ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अभिनय के साथ-साथ टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।
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