धार , जुलाई 27 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध और मावे के आठ नमूने एकत्र कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे हैं। वहीं बिना पंजीयन डेयरी संचालन के मामलों में तीन संचालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया तथा एक डेयरी को सील कर दिया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष खेडकर ने सोमवार को बताया कि 24 और 25 जुलाई को जिले के ग्रामीण एवं तहसील क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान डही स्थित मां मोगल दूध डेयरी, मनावर के गणपुर चौकड़ी स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्था, लवेश दूध-दही भंडार तथा दूध परिवहन कर रहे अरुण गेहलोत से दूध के नमूने लेकर जांच के लिए भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर बिना खाद्य पंजीयन के डेयरी व्यवसाय संचालित होता पाया गया। ग्राम देवगढ़ (मनावर) में कन्हैया पाटीदार के फार्महाउस से गाय एवं भैंस के दूध का नमूना लेकर बिना पंजीयन कारोबार करने पर प्रकरण दर्ज किया गया।

इसी प्रकार मनावर के धार रोड स्थित राधा कृष्ण दूध डेयरी के संचालक विशाल यादव के विरुद्ध बिना पंजीयन दुकान संचालित करने का मामला दर्ज करते हुए भैंस के दूध का नमूना लिया गया और दुकान को तत्काल बंद करवा दिया गया। ग्राम बालीपुर (मनावर) में बाबूलाल देवड़ा से मिश्रित दूध का नमूना लेकर बिना पंजीयन व्यवसाय करने पर भी प्रकरण दर्ज किया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरी और अवैध डेयरी संचालन के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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