नयी दिल्ली , अक्टूबर 16 -- भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के विरोध में दिल्ली के विभिन्न सामाजिक संगठन 18 अक्टूबर को यहां इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे।
उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष तथा प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में संलिप्त वीआईपी की चर्चा में दुष्यंत गौतम का नाम सामने आने के बावजूद उन्हें राज्यपाल नियुक्त किये जाने का विरोध तेज हुआ है।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा संचालित होटल में कथित वीआईपी को विशेष सेवाएं देने के लिए मजबूर किए जाने की साजिश का विरोध करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च हो रहे हैं। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर उत्तराखंड में व्यापक रोष है और प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं।
श्री धीरेंद्र प्रताप ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और मामले में दोषियों को सजा दिलाने को उत्तराखंड की आन-बान-शान का सवाल बताते हुए लोगों से 18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे इंडिया गेट पहुंचने का आह्वान किया है।
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