सरगुजा , अप्रैल 05 -- त्तीसगढ़ के सरगुजा में मां महामाया मंदिर के पास 03 अप्रैल को मिली लाश के मामले पुलिस की चार टीमों के हाथ कुछ भी नहीं आया है। महिला के पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट से मिले तथ्यों ने भारी दरिदंगी के सुबूत दिए हैं। महिला के निजी अंग में प्लास्टिक की बोतल, सिर और पसलियों की हड्डी टूटी मिली है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में पोस्टमार्टम टीम के प्रमुख डॉक्टर संटू बाघ के अनुसार, महिला के साथ अत्यंत क्रूरता की गई थी। पोस्टमार्टम के दौरान महिला के निजी अंग में प्लास्टिक की बोतल पाई गई, जिसे सावधानीपूर्वक निकाला गया। उन्होंने बताया कि महिला के सीने की दोनों ओर की कई पसलियां टूटी हुई थीं, जो सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं है। इससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी ने अत्यधिक बल प्रयोग किया या एक से अधिक लोग वारदात में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर, गला दबाने के निशान और शरीर पर संघर्ष के कई चिन्ह भी मिले हैं, जिससे स्पष्ट है कि महिला ने हमलावरों से बचने का प्रयास किया था।

अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर के समीप महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों ने दिल्ली के निर्भया कांड जैसी बर्बरता की यादें ताजा कर दी हैं। महिला के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं और उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से अहम सुराग मिले हैं, लेकिन अब तक आरोपी गिरफ्त से बाहर है।

पुलिस के अनुसार, 03 अप्रैल की सुबह मंदिर के पास महिला का शव बरामद किया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में ही मामला गंभीर प्रतीत होने पर पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी थी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि घटनास्थल और शव की स्थिति को देखते हुए यह दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला प्रतीत होता है। पुलिस ने देर शाम संदिग्ध आरोपी का नाम और हुलिया सार्वजनिक किया, जिसकी पहचान मिथुन पांडा के रूप में की गई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी वारदात के बाद अलग-अलग स्थानों पर भागता हुआ देखा गया है। एक सीसीटीवी फुटेज में वह रेलवे स्टेशन क्षेत्र में नंगे पैर घूमता हुआ नजर आया है। इसके आधार पर पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में आरोपी की तलाश और साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है।

मृतका की पहचान उसके परिजनों द्वारा कर ली गई है। बताया जा रहा है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से थी। स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सहयोग से उसका अंतिम संस्कार कराया गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

इस जघन्य वारदात के बाद अंबिकापुर में जनाक्रोश का माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।

राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। जिला महिला कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की।

पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस घटना को अत्यंत अमानवीय बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।

इसी मुद्दे को लेकर जिला युवक कांग्रेस ने गांधी चौक अंबिकापुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता किरण बघेल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार महिला सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर लिया है और आरोपी की पहचान भी कर ली गई है। पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को राजनीतिक लाभ लेने के बजाय जांच में सहयोग करना चाहिए। सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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