कुशीनगर , जनवरी 21 -- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार द्वितीय की अदालत ने बुधवार को दुष्कर्म के बाद गला दबाकर नाबालिग की हत्या करने के आरोपित को दोषी करार देते हुए मृत्यु होने तक कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने कहा कि हमारे देश में स्त्री की पूजा करने का विधान है। उस देश में ऐसा घृणित कार्य कर न सिर्फ पीड़िता का जीवन समय पूर्व छीन लिया बल्कि संपूर्ण नारीत्व के मर्यादा पर आघात है। अदालत ने अभियुक्त पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जमा न करने पर उसे दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अर्थदंड की 80 प्रतिशत धनराशि मृतका के पिता को दिए जाने का आदेश दिया है।
अदालत में विशेष शासकीय अधिवक्ता पॉक्सो एक्ट फूलबदन व अजय गुप्त ने बताया कि नौ सिंतबर 2015 को वादी ने तुर्कपट्टी थाने में सूचना दी कि उनकी 16 वर्ष की भांजी सुबह साढ़े दस बजे साइकिल से कॉलेज गई लेकिन शाम तक वापस नहीं आई। परिजन उसकी तलाश में जुट गए।
देर शाम मठिया गांव के समीप गन्ने के खेत में उसका शव मिला। मौके पर मोबाइल, पर्स व चप्पल मिले है। पुलिस ने डाग स्क्वाड की मदद से छानबीन में जुट गई। मौके पर मिले मोबाइल, पर्स व चप्पल को सूंघकर डाग गांव के छोटेलाल मुसहर के घर में घुसा।
शक के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ कर पूछताछ की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में मोबाइल व पर्स छोटेलाल के होने की पुष्टि हुई। आवश्यक साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। जहां प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने यह सजा सुनाई।
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