जोधपुर , मई 22 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दुर्घटनाओं के कारण बन रहे राजमार्गों के ब्लैक स्पॉट्स को तत्काल सुधारने एवं पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

श्री शेखावत ने शुक्रवार को यहां दिशा समिति की बैठक में जोधपुर और फलोदी जिलों में केंद्र प्रवर्तित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के पीछे चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स और गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस बैठक में उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी को यह स्पष्ट संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि जहां एक ओर ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्यवाही में देरी सीधे जनहानि से जुड़ी है वहीं पेयजल आपूर्ति में बाधा आमजन के जीवन पर सीधा असर डालती है, इसलिए इन विषयों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विभागवार प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि उसका लाभ जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे।

राष्ट्रीय राजमार्गों की समीक्षा के दौरान उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) पर तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों की पहचान के बाद भी यदि समय पर कार्य नहीं होता है तो यह प्रशासनिक लापरवाही मानी जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक संकेतक, सुधार कार्य, अतिक्रमण हटाने और पौधारोपण जैसे उपाय प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं ताकि दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।

पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए श्री शेखावत ने कहा कि गर्मी के मौसम में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण जल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि जल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए और हर क्षेत्र में नियमित निगरानी रखी जाए। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तृतीय चरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा बताते हुए समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से लगभग 80 लाख लोगों को स्थायी पेयजल सुविधा मिल सकेगी। शेखावत ने दोनों जिलों में बनी जल टंकियों और अन्य संरचनाओं के अनुपयोगी व जर्जर होने पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि इनका विस्तृत सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाए और उनके पुनः उपयोग या सुधार के लिए ठोस योजना बनाई जाए।

श्री शेखावत ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि संचालित और निष्प्रयोज्य ट्यूबवेलों की संयुक्त जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्टों में विसंगति पाई गई तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ऊर्जा विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते बिजली भार को देखते हुए अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को संस्थागत प्रसव बढ़ाने और क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कहा गया। शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी विद्यालय या आंगनबाड़ी बिजली और शौचालय सुविधा से वंचित न रहे।

खनन विभाग की समीक्षा में श्री शेखावत ने प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों को संयुक्त रूप से कार्य करते हुए अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासन पर आमजन का विश्वास मजबूत होगा। शेखावत ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आंकड़े पूरे करना नहीं, बल्कि आमजन को राहत देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर योजना को जनहित की कसौटी पर परखें और समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

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