रायपुर/दुर्ग , मई 12 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव एवं आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने मंगलवार को जिले के कुम्हारी स्थित पीएम श्री सेजस विद्यालय का निरीक्षण किया तथा इसके बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव बोरा ने लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल लैब, स्पोर्ट्स रूम सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने स्मार्ट क्लास और "जादुई पिटारा" जैसी शिक्षण पद्धतियों की सराहना की तथा विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई, लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि "अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से ही सफलता प्राप्त होती है।" उन्होंने टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। छात्रों ने सीए, साइबर इंजीनियर और कलेक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की।
इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने कहा कि दुर्ग जिला सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे मॉडल जिले के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शुद्ध पेयजल आपूर्ति, नालों की सफाई, पीएम आवास निर्माण में तेजी और मनरेगा मजदूरी भुगतान से जुड़ी जानकारी श्रमिकों तक समय पर पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि जिले में मनरेगा के तहत लंबित 30.83 करोड़ रुपये की मजदूरी का भुगतान शुरू हो चुका है। वहीं एनआरएलएम के अंतर्गत 37 हजार महिलाओं को "लखपति दीदी" बनाया जा चुका है।
प्रमुख सचिव ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और वन विभाग की भी समीक्षा करते हुए संस्थागत प्रसव बढ़ाने, शिशु मृत्यु दर कम करने, नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने, खाद-बीज वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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