दुर्ग , सितंबर 04 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुपेला थाने के लिस्टेड गुंडा-बदमाश एवं छत्तीसगढ़ बजरंग दल के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि निगम (35) के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। जिला दंडाधिकारी ने उसे एक वर्ष के लिए दुर्ग सहित छह जिलों की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया है।

जिला दंडाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुपेला के रावण भाठा निवासी रवि निगम को दुर्ग के साथ राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बालोद और बेमेतरा जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया है। उसे एक सप्ताह के भीतर इन सभी जिलों की सीमा छोड़नी होगी। एक वर्ष की निर्धारित अवधि में सक्षम अनुमति के बिना वह इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार उनके रिकॉर्ड के अनुसार रवि निगम के खिलाफ वर्ष 2013 से 2025 के बीच सुपेला और पद्मनाभपुर थानों में पांच आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। इनमें गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, रास्ता रोकना, बलवा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

वर्ष 2013 में दर्ज प्रकरण में उस पर मारपीट और धमकी के आरोप लगे थे। वर्ष 2018 के मामले में मारपीट और धमकी के अलावा घर के दरवाजे को पत्थर मारकर नुकसान पहुंचाने का आरोप था। शिकायत में आसपास के कुछ लोगों के साथ मारपीट का भी उल्लेख किया गया था।

वर्ष 2023 में सुपेला थाने में दुकान बंद कराने से जुड़े एक मामले में रवि निगम, ज्योति शर्मा और उनके साथ आए लोगों पर दुकान के बाहर रखे सामान को डंडे से पीटने और दुकानदार को घेरकर धमकाने का आरोप लगाया गया था। इसी वर्ष दर्ज एक अन्य प्रकरण में मारपीट, बलवा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं लगाई गई थीं। वर्ष 2025 में पद्मनाभपुर थाने में भी धमकी और मारपीट से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

जिला बदर की कार्रवाई के लिए पुलिस ने रवि निगम का आपराधिक रिकॉर्ड, पूर्व में दर्ज मामलों का विवरण, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए। पुलिस रिपोर्ट में उस पर लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने तथा विवाद के दौरान भीड़ जुटाकर अशांति पैदा करने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया। प्रशासन ने सुनवाई के बाद पाया कि पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ा। इसके बाद कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर एक वर्ष के जिला बदर का आदेश जारी किया गया।

रवि निगम का नाम सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े विवादों में भी सामने आता रहा है। 17 जनवरी 2022 को उसे विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल से निष्कासित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। बाद में वह छत्तीसगढ़ बजरंग दल से जुड़ा और भिलाई जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। अप्रैल 2026 में चर्च से पैसे मांगने के कथित ऑडियो को लेकर विवाद के बाद उसे छत्तीसगढ़ बजरंग दल के सभी पदों से हटाए जाने की बात सामने आई थी।

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