दुर्ग/रायपुर , अगस्त 06 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य बाल आयोग, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (एसजेपीयू) दुर्ग और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने 16 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चों को कथित तौर पर बाल श्रम के लिए बस के माध्यम से ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7 बजे एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) की ओर से राज्य बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को सूचना दी गई कि रायपुर से कुछ बच्चों को बस के जरिए बाल श्रम के लिए दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलने के बाद राज्य बाल आयोग ने एसजेपीयू दुर्ग और चाइल्ड हेल्पलाइन को तत्काल अलर्ट किया। संयुक्त टीम ने सक्रियता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की और करीब डेढ़ घंटे के भीतर रात 8:30 बजे संदिग्ध बस को रोककर जांच की।

जांच के दौरान बस में 16 नाबालिग बच्चे पाए गए। टीम ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर रेस्क्यू किया। वहीं, बच्चों के साथ मौजूद एक व्यक्ति को मौके से हिरासत में लिया गया है।

अधिकारियों से गुरुवार सुबह मिली जानकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में बच्चों को काम के उद्देश्य से ले जाए जाने की आशंका जताई गई है। फिलहाल बच्चों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा था और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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