दुर्ग , अगस्त 25 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मंगलवार को दो अलग-अलग स्वामी आत्मानंद स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। पेंड्रावन में विद्यार्थियों ने शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया, जबकि सेलूद में छात्र-छात्राओं ने टॉयलेट और बाउंड्रीवॉल की मांग को लेकर स्कूल में तालाबंदी के बाद दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक यातायात बाधित किया।

पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों के मुताबिक स्कूल में वर्तमान में सिर्फ 3 टीचर और 1 प्रिंसिपल हैं, जबकि यहां कम से कम 17 टीचर होने चाहिए। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने इससे पहले 21 अगस्त को भी प्रदर्शन कर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया था। उस दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों की समस्याएं सुनी थीं। छात्रों को उम्मीद थी कि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई होगी, लेकिन 25 अगस्त तक शिक्षकों की कमी दूर नहीं होने पर वे मंगलवार को दोबारा सड़क पर उतर आए।

विद्यार्थियों के चक्काजाम के कारण खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। यह मार्ग बेमेतरा और धमधा को जोड़ता है। प्रदर्शन के दौरान स्कूली छात्राओं ने स्पष्ट कहा कि वे कलेक्टर और शिक्षा मंत्री के अलावा किसी अन्य अधिकारी से बातचीत नहीं करेंगी।

विद्यार्थियों का कहना है कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर बैठना नहीं चाहते, लेकिन स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने शिक्षकों की कमी दूर करने के साथ ही ओपन स्कूल बंद करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि स्कूल में पहले से सीमित संख्या में शिक्षक हैं और उनमें से भी शिक्षकों को ओपन स्कूल में भेज दिया जाता है, जिससे नियमित कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होती है।

छात्रों के मुताबिक उनका आंदोलन किसी राजनीतिक मुद्दे को लेकर नहीं, बल्कि नियमित पढ़ाई और भविष्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर है। पेंड्रावन का स्कूल धमधा क्षेत्र में आता है। दुर्ग प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है और पढ़ाई जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें बार-बार सड़क पर उतरना नहीं पड़ना चाहिए।

इधर, जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के 203 छात्र-छात्राओं ने टॉयलेट और बाउंड्रीवॉल की मांग को लेकर स्कूल गेट पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद विद्यार्थी दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया।

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