दुर्ग , जुलाई 30 -- छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त 26 म्यूल बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेश किया है। मामले में पुलिस ने बैंकिंग एवं डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं, जबकि साइबर ठगी के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने गुरुवार को बताया कि पुलिस मुख्यालय साइबर के निर्देश पर थाना भिलाई नगर क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक के संदिग्ध खातों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि सीधे जमा की गई थी, जिसके आधार पर इन्हें लेयर-1 (म्यूल अकाउंट) की श्रेणी में रखा गया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने तथा नकद निकासी के साक्ष्य भी मिले हैं।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि खाताधारकों ने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम तथा इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराई थीं। इनका उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की राशि को छिपाने, विभिन्न खातों में स्थानांतरित करने और अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए किया गया।

पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर थाना भिलाई नगर में अपराध दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत सभी 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, बैंकिंग दस्तावेज सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। मामले में डिजिटल एवं बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर विस्तृत जांच जारी है तथा साइबर ठगी के मास्टरमाइंड और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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