दुर्ग , मार्च 08 -- ) छत्तीसगढ़ पुलिस ने दुर्ग जिले के समोदा गांव में बड़े पैमाने पर की जा रही अवैध अफीम की खेती पर्दाफाश किया है और िस सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने रविवार को बताया कि अब तक कार्रवाई के दौरान करीब 11 एकड़ जमीन में उगाए गए 14 लाख 30 हजार से अधिक अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब सात करोड़ 88 लाख रुपए बताई जा रही है। इस मामले में भाजपा से जुड़े नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवनाथ नदी के किनारे स्थित लगभग 110 एकड़ के फार्महाउस परिसर में मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। पूरे फार्महाउस को फेंसिंग से घेरा गया था और वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बताया जा रहा है कि परिसर में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक थी।
ग्रामीणों के मुताबिक फार्महाउस का संचालन और रखरखाव विनायक ताम्रकार के ही जिम्मे था। यहां काम करने के लिए राजस्थान से मजदूर बुलाए गए थे, जिनके रहने की व्यवस्था भी फार्महाउस परिसर में ही की गई थी। सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे, जिससे आम लोगों को आसपास जाने नहीं दिया जाता था।
जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि उक्त जमीन पर मक्का और गेहूं की फसल की जानकारी अगस्त में डिजिटल सर्वे के दौरान सामने आई थी। उसी क्षेत्र में बीच-बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पूरी फसल को जब्त कर लिया है।
सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुखनंदन राठौर और मणिशंकर चंद्रा के अनुसार कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। फार्महाउस में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई थी। इधर मामले के सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
इस मामला के सामने आने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को समोदा गांव पहुंचे और उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे इतने बड़े स्तर पर अवैध खेती होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सरकार से इस मामले में शामिल अन्य लोगों और अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है और इसे विधानसभा में उठाने की बात कही है।
वहीं, ताम्रकार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि जिस जमीन पर अफीम की खेती मिली है, वह उनकी नहीं है और उसे बटाई पर दिया गया था।
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