रांची , मई 26 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दुमका में कथित अवैध बालू कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।

श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि दुमका मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सहरघाटी पंचायत में प्रशासनिक संरक्षण और सत्ता की मिलीभगत से प्रतिदिन 50 से 60 ट्रैक्टरों के जरिए खुलेआम अवैध बालू की लूट जारी है।

श्री मरांडी ने कहा कि एक ओर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार घर निर्माण के लिए वैध बालू पाने के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बालू माफिया एनजीटी की रोक लागू होने से पहले हजारों ट्रैक्टर बालू का अवैध भंडारण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बरसात के दौरान जनता की मजबूरी का फायदा उठाकर कई गुना कीमत वसूली की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अवैध कारोबार नहीं, बल्कि गरीबों की जेब पर संगठित डकैती है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह सब प्रशासन की नाक के नीचे नहीं, बल्कि कथित संरक्षण में हो रहा है।

मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दुमका ने उनके परिवार को राजनीतिक पहचान और सम्मान दिया, उसी दुमका को आज बालू माफियाओं के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्ता का मतलब सिर्फ करीबी माफियाओं को लाभ पहुंचाना रह गया है।

श्री मरांडी ने दुमका पुलिस और जिला प्रशासन से सहरघाटी पंचायत में चल रहे अवैध बालू कारोबार, अवैध भंडारण तथा इसमें शामिल माफियाओं, दलालों और संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जनता यह मानने को मजबूर होगी कि सत्ता, प्रशासन और बालू माफियाओं की मिलीभगत से पूरा खेल चल रहा है।

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