सुलतानपुर , सितम्बर 12 -- उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के कूरेभार थाना अंतर्गत दबौलिया निवासी सत्यदेव तिवारी (23) का पार्थिव शरीर 12 सितंबर को दुबई से 17 दिन बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कूरेभार थाना अंतर्गत दबौलिया निवासी सत्यदेव 23 सितंबर 2025 को रोजगार के लिए संयुक्त अरब अमीरात गए थे। वहां वह प्लंबर का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, 27 अगस्त 2026 को कंपनी के इंचार्ज ने फोन पर सत्यदेव के निधन की सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार सदमे में आ गया। परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता सत्यदेव के पार्थिव शरीर को सुरक्षित वतन लाने की थी। मृतक के चचेरे भाई आनंद तिवारी ने कादीपुर नगर पंचायत के मोहल्ला तुलसी नगर निवासी समाजसेवी अब्दुल हक़ से संपर्क किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब्दुल हक़ ने तुरंत प्रयास शुरू किए। उन्होंने भारतीय दूतावास, अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों से लगातार संपर्क किया। विधायक राज बाबू उपाध्याय की पहल और सहयोग से भी इस प्रयास को मदद मिली। इन प्रयासों से पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी हुई। सत्यदेव तिवारी के पार्थिव शरीर को वतन लाने में समाजसेवी अब्दुल हक़ की भूमिका की क्षेत्र में सराहना हो रही है। एक हिंदू परिवार की दुख की घड़ी में मुस्लिम समाजसेवी द्वारा मदद करना हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और इंसानियत की मिसाल बन गया।
समाजसेवी अब्दुल हक़ ने कहा, "मुसीबत के समय किसी जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है। हिंदू हो या मुसलमान, दुख की घड़ी में एक-दूसरे की मदद करना हमारा फर्ज है।" उन्होंने भारतीय दूतावास, अधिकारियों, विधायक राज बाबू उपाध्याय और सभी सहयोगियों का आभार जताया।
उन्होंने आगे कहा कि विदेश में किसी भारतीय की मृत्यु के बाद उसके परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में दल, धर्म और मजहब से ऊपर उठकर मानवता के लिए काम करना ही सच्ची समाजसेवा है। सत्यदेव तिवारी के निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
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