कोरबा , मई 07 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित दीपका क्षेत्र में कोयला उत्खनन और परिवहन से फैल रहे प्रदूषण को लेकर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आज औचक निरीक्षण किया और एसईसीएल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी।

निरीक्षण के दौरान सड़कों पर भारी धूल, निष्क्रिय स्प्रिंकलर और रेलवे साइडिंग में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

मंडल की टीम ने थाना चौक से श्रमिक चौक तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया, जहां नियमित जल छिड़काव नहीं होने और व्हील वाशिंग सिस्टम के अनुपयोगी पाए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। टीम ने ठेकेदारी प्रथा के तहत किए जा रहे औपचारिक पानी छिड़काव को बंद कर प्रभावी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।

जांच के दौरान चैनपुर-गांधीनगर से सटी दीपका रेलवे साइडिंग में बिना कोयले को गीला किए सूखा लोडिंग किया जाना पाया गया, जिससे आसपास का पूरा क्षेत्र कोल डस्ट के गुबार से प्रभावित मिला। स्थानीय लोगों ने लंबे समय से क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीर समस्या होने की शिकायत की है।

पर्यावरण क्षेत्रीय अधिकारी प्रसन्न सोनकर ने बताया कि दो माह पूर्व भी खदान प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर मंडल की टीम ने स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जांच में सड़कों पर डस्ट जमाव और नियमित जल छिड़काव नहीं किए जाने से प्रदूषण फैलने की पुष्टि हुई है।

उन्होंने बताया कि खदान प्रबंधन को तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

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