रांची , अगस्त 04 -- झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी आज दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली निमरा स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन सहित सोरेन परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। डॉ. अंसारी ने काफी देर तक परिवार के साथ रहकर गुरुजी के संघर्ष, विचारों और झारखंड आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
डॉ. अंसारी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का जन्म भले ही निमरा में हुआ, लेकिन उनकी राजनीतिक यात्रा की मजबूत शुरुआत जामताड़ा की धरती से हुई। उन्होंने सूदखोरी, महाजनी प्रथा, पूंजीपतियों के शोषण और आदिवासी, दलित, पिछड़े तथा अल्पसंख्यक समाज पर हो रहे अन्याय के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया। यही संघर्ष उन्हें जन-जन का नेता और गरीबों का सच्चा मसीहा बनाता है।
उन्होंने कहा कि गुरुजी ने अपना पूरा जीवन जल, जंगल, जमीन और झारखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनके अथक संघर्ष और बलिदान का ही परिणाम है कि आज अलग झारखंड राज्य अस्तित्व में है और हम सभी झारखंड की जनता की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त कर रहे हैं।
डॉ. अंसारी ने कहा, "हेमंत सोरेन जी मेरे बड़े भाई हैं, कल्पना भाभी और पूरा सोरेन परिवार हमारा अपना परिवार है। गुरुजी का इस दुनिया से जाना पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुख की घड़ी में मैं और मेरा पूरा परिवार सोरेन परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।"उन्होंने कहा कि गुरुजी के आदर्श, संघर्ष और सामाजिक न्याय की सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। निमरा पहुंचकर उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करना उनके लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा। गुरुजी के दिखाए मार्ग पर चलकर ही झारखंड के सर्वांगीण विकास और गरीबों की सेवा का संकल्प और मजबूत होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित