गिरिडीह , अगस्त 04 -- झारखंड के नगर विकास खेल एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को बताया कि आज हमारे बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को हमारे बीच से गए पूरा एक वर्ष हो गया।
यह एक ऐसा वर्ष रहा, जिसमें हर दिन उनकी कमी गहराई से महसूस हुई। कई ऐसे क्षण आए जब मन ने सहज ही चाहा कि काश बाबा आज हमारे बीच होते, उनका मार्गदर्शन मिलता, उनकी सादगी भरी बातें सुनने को मिलतीं और उनके अनुभवों से फिर कुछ सीखने का अवसर मिलता।
श्री कुमार ने कहा कि बाबा केवल एक नेता नहीं थे, वे एक विचार थे, एक आंदोलन थे, एक ऐसी शक्ति थे जिन्होंने झारखंड की अस्मिता, जल-जंगल-जमीन, आदिवासी समाज, गरीबों, मजदूरों, किसानों और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने हमें सिखाया कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर सम्मान और विश्वास की मुस्कान लाना है।
बाबा के साथ बिताए हुए अनगिनत पल आज भी स्मृतियों में वैसे ही जीवित हैं। उनसे मिली सीख, उनका संघर्ष, उनका धैर्य और जनता के प्रति उनका अटूट विश्वास आज भी हमारे हर निर्णय और हर प्रयास का आधार है।
श्री कुमार ने कहा कि पिछले एक वर्ष में हमने हर दिन, हर पल, उसी झारखंड के निर्माण के लिए काम करने का प्रयास किया है जिसका सपना बाबा ने देखा था। एक ऐसा झारखंड जहाँ विकास के साथ सामाजिक न्याय हो, जहाँ आदिवासी, दलित, पिछड़े, किसान, मजदूर, युवा और हर नागरिक सम्मान के साथ आगे बढ़ सके। हमें विश्वास है कि बाबा जहाँ भी हैं, वे हम सबको देख रहे हैं, हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने आशीर्वाद से हमें शक्ति दे रहे हैं कि हम उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के अपने संकल्प पर अडिग रहें।
बाबा आज शारीरिक रूप आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके विचार, उनके आदर्श और उनके संघर्ष की विरासत झारखंड की मिट्टी में हमेशा जीवित रहेगी। आने वाली पीढ़ियाँ उन्हें उन करोड़ों लोगों की आवाज़ के रूप में याद रखेंगी, जिनके लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
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